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सूत्र

वित्त राशि = कीमत − डाउन पेमेंट − एक्सचेंज। मासिक EMI मानक अमॉर्टाइज़िंग लोन सूत्र से: मासिक दर r = वार्षिक दर/12 और n महीने — व्यक्तिगत लोन कैलकुलेटर जैसा ही इंजन परिवार।

P = Price − Down − Trade-in · M = P × [r(1+r)^n] / [(1+r)^n − 1]

हल उदाहरण

  1. कीमत ₹8,00,000 − ₹1,60,000 डाउन − ₹0 एक्सचेंज = ₹6,40,000 वित्त
  2. दर 10%, अवधि 60 महीने → r = 0.10/12
  3. EMI ≈ ₹13,602/महीना

परिणाम: ≈ ₹13,600/महीना · ब्याज और योग परिणाम ग्रिड में

कार लोन EMI कैसे निकलती है

डीलर और बैंक भुगतान को स्टिकर कीमत से नहीं, बल्कि नकद डाउन और एक्सचेंज के बाद की वित्त राशि से निकालते हैं।

डाउन और एक्सचेंज के बाद मूलधन

हम नकद डाउन और एक्सचेंज भत्ता कीमत से घटाते हैं। रोड टैक्स, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन और नेगेटिव इक्विटी अपने आप नहीं जुड़ते — लागू हो तो कीमत बढ़ाएँ या डाउन घटाएँ।

अमॉर्टाइज़ेशन

समान मासिक EMI पहले ब्याज कवर करती है; बाकी मूलधन घटाती है। लंबी अवधि EMI कम करती है पर कुल ब्याज बढ़ाती है — कार फाइनेंस का आम समझौता।

दर बनाम प्रभावी लागत

केवल मासिक EMI नहीं — वार्षिक ब्याज दर और कुल लागत तुलना करें। ऐड-ऑन और एक्सटेंडेड वारंटी वित्त राशि बढ़ा सकते हैं।

रोचक तथ्य

EMI बनाम कुल लागत

लंबी अवधि से कम EMI अक्सर कुल ब्याज बढ़ाती है।

भारत में कार लोन

बैंक और NBFC आमतौर पर 1–7 वर्ष की अवधि और मॉडल/क्रेडिट पर निर्भर दरें देते हैं। डाउन पेमेंट अक्सर 10–20% के आसपास माँगा जाता है।

व्यक्तिगत लोन जैसा गणित

फिक्स्ड-रेट अमॉर्टाइज़िंग कार लोन वही EMI सूत्र इस्तेमाल करते हैं जो अन्य किस्त लोन।

नकद बनाम फाइनेंस

कुल ब्याज और नकद की अवसर लागत तुलना करें — केवल विज्ञापित EMI नहीं।

पूर्वभुगतान

कई कार लोन अतिरिक्त मूलधन भुगतान अनुमति देते हैं; प्रीपेमेंट चार्ज की जाँच करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाहन कीमत, डाउन पेमेंट, एक्सचेंज, वार्षिक दर और महीने में अवधि भरें। हम (कीमत − डाउन − एक्सचेंज) पर मानक अमॉर्टाइज़ेशन सूत्र लगाते हैं।

अपने आप नहीं। टैक्स/फीस कीमत में जोड़ें या अगर फाइनेंस हो रहे हों तो डाउन घटाएँ।

वही भुगतान गणित — इस पेज पर कीमत, डाउन और एक्सचेंज के ऑटो लेबल हैं।

छोटी अवधि: ऊँची EMI, कम ब्याज। लंबी: उलटा। कार जितने साल रखेंगे, अवधि उसके करीब रखें।

संदर्भ

  1. RBI — उचित व्यवहार संहिता / खुदरा ऋण — भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) बैंक और NBFC खुदरा ऋण प्रथाओं का नियामक संदर्भ।
  2. वाहन ऋण — उपभोक्ता जागरूकता — भारतीय रिज़र्व बैंक / बैंकिंग लोकपाल संदर्भ किस्त ऋण की तुलना और शिकायत मार्गदर्शन।

केवल अनुमान — क्रेडिट ऑफर नहीं। डीलर फीस, टैक्स, इंश्योरेंस और दर स्लैब अलग-अलग होते हैं।

अंतिम समीक्षा: 2026-08-05 — समीक्षक: Mr. Calco संपादकीय टीम

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